चीन और बांग्लादेश की अब खैर नहीं,सिलीगुड़ी कॉरिडोर की तरफ देखा तो होगा बुरा हश्र।

चीन और बांग्लादेश की अब खैर नहीं,सिलीगुड़ी कॉरिडोर की तरफ देखा तो होगा बुरा हश्र।

ढाका/नई दिल्ली।  चीन और बांग्लादेश की बढ़ती यारी ने भारत के कान खड़े कर दिए हैं।  भारत ने चीन और बांग्लादेश पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।  हाल ही में चीनी सैन्य अफसरों ने बांग्लादेश के लालमोनिरहाट में एक पुराने एयरबेस का जायजा लिया, जो भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर से बस थोड़ी दूरी पर है।  ये कॉरिडोर, जिसे लोग ‘चिकन नेक’ कहते हैं, भारत के लिए बेहद खास है, क्योंकि यही पूर्वोत्तर राज्यों को देश से जोड़ता है।  बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के चीफ मोहम्मद यूनुस के भारत के खिलाफ तीखे बयानों ने आग में घी डालने का काम किया है।  यूनुस की सरकार चीन और पाकिस्तान के साथ दोस्ती बढ़ा रही है, जिससे भारत की चिंता और गहरी हो गई है।

बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है।  कुछ दिनों पहले भारतीय सेना ने इसके पास सैन्य अभ्यास किया था।  वहीं अब ऐसी रिपोर्ट आई है कि रूस निर्मित एस-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम को तैनात किया गया है, जो 400 किलोमीटर तक की रेंज में कई हवाई खतरों को एक साथ नष्ट कर सकती है।  इसके साथ ही, हाशिमारा एयरबेस पर राफेल फाइटर जेट की एक स्क्वाड्रन तैनात की गई है, जो मेटियोर मिसाइलों और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों से लैस है।  ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल रेजिमेंट और आकाश मिसाइल सिस्टम भी इस क्षेत्र में तैनात हैं, जो किसी भी खतरे को तुरंत जवाब देने में सक्षम हैं।

बांग्लादेश की हरकतें

पिछले साल बांग्लादेश के एक बायक्तर टीबी2 ड्रोन के भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब उड़ान भरने की घटना ने भारत को और सतर्क कर दिया।  भारतीय सेना ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी विमान या ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसा, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा।  बांग्लादेश ने तुर्की से 12 टीबी2 ड्रोन खरीदे हैं और अब वह पाकिस्तान-चीन निर्मित जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट्स खरीदने की योजना बना रहा है, जो भारत के लिए चिंता का विषय है।

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